किसी को पता न था अंतिम याद बन जाएगी पांच दोस्‍तों की यह ग्रुप फोटो, कार में जिंदा जले

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किसी को नहीं पता था कि पांच दोस्‍तों की यह तस्‍वीर अंतिम याद बन जाएगी। पटियाला में एक नेटवर्किंग कंपनी की बैठक में खिंचाया पांचों दोस्तों की प्रसन्‍न मुद्रा में खिंचवाई तस्‍वीर उनक परिजनों को रुला रही है। इन पांचों दोस्तों ने भी कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि मौत भी उनको इस तरह साथ ले जाएगी। पटियाला में नेटवर्किंग कंपनी की बैठक से लौटते समय रास्ते में हुए सड़क हादसे के बाद उनकी कार में लगी आग से मौत ने उनके संग उनके परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया।

दुनिया में आने से पहले ही पिता का साया उठा सिर से, कुलतार के साथ पत्‍नी केे सपने हुए राख

मारे गए लोगों में एक कुलतार सिंह की पत्‍नी तीन महीने की गर्भवती हैं। इसी तरह अन्‍य दोस्‍तों के परिवारों की भी दुनिया उजड़ गई है। कुलतार सिंह के पहली पत्नी से तलाक के बाद दूसरी शादी की थी। कुलतार सिंह के भाई नारायण सिंह ने बताया कि उनका भाई एक नेटवर्किंग कंपनी को लिए दवा का कारोबार करता था। उनके दोस्त आम आदमी पार्टी के नेता सुखमंदर सिंह व अन्य पांचों लोग रेनोल्ट नोवा नामक दवा कंपनी के सदस्य थे। इसी नेटर्किंग कंपनी की बैठक पटियाला में थी और साथ ही एक दोस्त की रिसेप्शन पार्टी भी थी। वहां से वापस लौट रहे थे तो रास्ते में उनकी कार हादसाग्रस्त होने के बाद उसमें आग लग गई ।


सेना से रिटायर होने के बाद एक नेटवर्किंग कंपनी के लिए दोस्‍तों संग काम रहे थे सुखविदर सिंह

मोगा की ग्रीन फील्ड निवासी 62 वर्षीय सुखविंदर सिंह जिसकी बडी बेटी कनाडा में सेटल है। एक 20 वर्षीय बेटा उनके पास रहता है ,कैप्टन 30 नवंबर 2004 को आर्मी में क्लेरीकल डिपार्टमेंट से रिटायर हुए थे। वह अपने परिवार के साथ रहते हुए एक नेटवर्किंग कंपनी में काम कर रहे थे,अपनी पत्‍नी गुरदेव कौर को वह सोमवार को एक दोस्त की रिसेप्शन पार्टी में जाने की बात कहकर गए थे। घटना का पता चलते ही पत्‍नी गुरदेव कौर का रो रो कर बुरा हाल हो गया।

कैप्टन सुखविंदर सिंह के घर पर शोक व्यक्त करने वालों का जमावड़ा लग गया। उनके साढू मेजर सिंह व पड़ोसी प्रोफेसर निर्मल सिंह ने बताया कि सुखविंदर सिंह आर्मी में रहते हुए जहां देश के लिए काम कर चुके हैं, वहीं अब रिटायरमेंट के बाद समाज सेवा का जज्बा था।

आम आदमी पार्टी के जुझारु नेता

कैप्टन सुखविंदर सिंह के साथ आम आदमी पार्टी में काम करने वाले सीनियर नेता नवदीप संघा,अमित पुरी व अन्य समर्थकों ने बताया कि कैप्टन सुखमिंदर सिंह पिछले कई वर्षों से आम आदमी पार्टी से जुड़कर शहर की ज्वलंत समस्याओं के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे। सुखमिंदर सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद दौरान कोई मौत से पार्टी को कभी ना पूरा होने वाला घाटा हुआ है।

रामूवाला नवां के सुरिन्द्रपाल सिंह पांच बच्चों के पिता थे। उन्‍होंने पिछले वर्ष अपनी एक बेटी की शादी की थी। वही अब दो बेटे और दो बेटियों का पालन पोषण की जिम्‍मेदारी उन पर थी। सुरिन्द्रपाल काम करके अपने घर का गुजारा कर रहे थे। वह अपने दोस्तों के साथ जिला संगरूर के गांव दिडबा मेंं एक दोस्त की रिसेप्शन पार्टी में भाग लेने के लिए गए थे । परिवार के सदस्यों का कहना है कि चार बच्चों का बोझ अब उनकी पत्‍नी अमरजीत कौर पर पड़ गया है। गांव में इस घटना को लेकर पूरी तरह शोक की लहर पैदा हो चुकी है।