किसानों के भारत बंद के समर्थन में आए ट्रांसपोर्टर, मंगलवार को रहेगा चक्का जाम

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नए कृषि कानून को खारिज करने की मांग को लेकर आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान करने वाले किसान संगठनों को जम्मू में भी समर्थन मिल गया है। कोविड-19 के चलते यात्री किराये में की गई तीस फीसद वृद्धि को वापस लिए जाने का विरोध कर रहे जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए मंगलवार को चक्का जाम रखने का ऐलान किया है। ट्रांसपोर्टरों ने किसानों की मांगों को सही ठहराते हुए कहा कि किसान अपनी जायज मांग को लेकर संघर्षरत है और ट्रांसपोर्टर उनका पूरा समर्थन करते हुए मंगलवार को यातायात सेवाएं बंद रखेंगे।

आल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन की एक आपात बैठक सोमवार को चेयरमैन टीएस वजीर की अध्यक्षता में हुई जिसमें आठ दिसंबर के भारत बंद के समर्थन में चक्का जाम रखने का फैसला लिया गया। बैठक में सभी ट्रांसपोर्ट यूनियंस के प्रतिनिधि मौजूद थे और यह फैसला लिया गया कि सभी ट्रांसपोर्टर यात्री किराये में वृद्धि की मांग को लेकर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे बिक्रम चौक से डिग्याना कैंप तक रैली निकालेंगे। बैठक के दौरान टीएस वजीर ने कहा कि उनकी यह रैली यात्री किराये में वृद्धि व किसानों के समर्थन में आयोजित की जाएगी। डिग्याना कैंप पहुंचने पर वहां सभी ट्रांसपोर्टर व किसान एकत्रित होकर केंद्र सरकार के विरोध में धरना देंगे।


ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर वजीर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे है और अभी भी यात्री वाहन 50 फीसद क्षमता के साथ चले रहे हैं, ऐसे में सरकार की ओर से कोविड-19 के कारण ट्रांसपोर्टरों को राहत देने के लिए किराये में की गई 30 फीसद वृद्धि वापस लेने का कोई तुक नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कटौती के बाद ट्रांसपोर्टरों के लिए यात्री वाहन चलाना मुश्किल है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।