काम नहीं आ रहे हैं अतिरिक्त बैंक खाते तो करा दें बंद, इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान

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निजी क्षेत्र के वेतनभोगी कर्मचारियों और कारोबारियों के पास एक से ज्यादा बैंक खाते होते हैं। कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कई बार नया बैंक खाता खुलवाना पड़ता है। कुछ बैंक ग्राहकों के जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट में कुछ महीनों तक सैलरी क्रेडिट नहीं होने पर उसे बचत खाते में बदल देते हैं। इसके बाद कई बैंकों में बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य होता है। ग्राहक एक से अधिक खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने में बहुत बार विफल हो जाते हैं।

अगर आपने एक से अधिक बैंक खाते खुलवा लिए हैं और ये आपके कोई काम नहीं आ रहे हैं, तो आप उन्हें बंद करा सकते हैं। क्योंकि, खातों का इस्तेमाल नहीं होने पर भी उनमें अलग से तिमाही न्यूतम राशि बरकरार रखनी होती है। इसलिए आपके लिए ये खाते बंद करा देना उपयुक्त होगा। अगर आप अपने ऐसे बैंक खातों को बंद कराने जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान अवश्य रखें।

  1. बैंक खाते को स्थायी रूप से बंद कराने के लिए खाताधारक को बैंक ब्रांच जाना होता है। बैंक ब्रांच में जाकर खाताधारक को अकाउंट क्लोजर फॉर्म भरना होता है। इस फॉर्म के साथ ही आपको डी-लिंकिंग फॉर्म भी जमा कराना होता है। साथ ही आपको उपयोग में नहीं आई चेक बुक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भी बैंक में जमा कराना होता है।
  2. बचत खाता खुलवाने के 14 दिन के अंदर ही उसे बंद कराने पर कोई भी शुल्क नहीं लगता है। खाता खुलने से 14 दिनों से लेकर एक साल के बीच में अकाउंट बंद करवाने पर इसके लिए बैंक कुछ शुल्क लेते हैं। इसके लिए अलग-अलग बैंकों के शुल्क अलग-अलग हो सकते हैं। वहीं, खाता खुलने के एक साल बाद इसे बंद करवाने पर कोई शुल्क नहीं लगता है।
  1. अगर आप अपने काम में ना आ रहे बैंक खाते को बंद करा रहे हैं, तो पहले उस खाते से ऑटोमेटिक डेबिट्स बंद करा दें। अपना खाता बंद करवाते समय अपने अकाउंट से लिंक सभी डेबिट्स को डीलिंक करवा लेना चाहिए। अगर आपका यह बैंक खाता मासिक लोन इएमआई के लिए लिंक है, तो आपको अपने कर्जदाता को नया वैकल्पिक बैंक अकाउंट नंबर देना चाहिए।
  2. अगर आप अपना पुराना सैलरी अकाउंट बंद कराने जा रहे हैं, तो अपने नियोक्ता को नए खाते की डिटेल्स दे दें, ताकि आपकी सैलरी या पेंशन नए खाते में आती रहे।