ऑनलाइन शिक्षा के लिए यूपी बेसिक शिक्षा विभाग ने कसी कमर, शिक्षकों को दीक्षा एप डाउनलोड कराने का दिया लक्ष्य

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ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने दीक्षा पोर्टल पर पर रोज एक करोड़ कंटेंट प्ले का लक्ष्य निर्धारित किया है। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को दीक्षा एप डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल करने के वास्ते प्रेरित करने के लिए विभाग ने अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत परिषदीय स्कूल के शिक्षक 15 दिसंबर तक अपने आसपास के परिवेश में 10 विद्यार्थियों और अभिभावकों को दीक्षा एप को डाउनलोड करा कर उसका उपयोग करने का तरीका बताएंगे।

केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने और इसे सुगमता तक छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से दीक्षा (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग) एप विकसित किया है। यह स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय डिजिटल मंच है। दीक्षा को ‘एक राष्ट्र-एक डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के तौर पर घोषित किया गया है। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल आदि विषयों के लिए कक्षा एक से बारहवीं तक के पाठ्यक्रम के आधार पर 4000 से अधिक वीडियो के माध्यम से समृद्ध शैक्षिक सामग्री उपलब्ध करायी गई है। शिक्षकों के लिए 80 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध कराये गए हैं।

राज्य स्तर की समीक्षा में यह पता चला है कि उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों के 1.8 करोड़ छात्र-छात्राओं और निजी विद्यालयों के लगभग दो करोड़ विद्यार्थियों के सापेक्ष अभी लगभग 30-40 लाख विद्यार्थियों और अभिभावकों द्वारा ही दीक्षा एप का इस्तेमाल कर डिजिटल सामग्री का उपभोग किया जा रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के मुताबिक दीक्षा एप के अंगीकरण को बढ़ावा देकर छात्रों की पहुंच उत्कृष्ट डिजिटल शैक्षिक सामग्री तक बढ़ायी जा सकती है। बच्चे विभिन्न विषयों को रोचक तरीके से सीख-समझ सकें, इसके लिए दीक्षा का प्रचार-प्रसार आवश्यक है। इस एप का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राएं सभी कक्षाओं के विषयों और टॉपिक से संबंधित डिजिटल कंटेंट सर्च किया जा सकता है और निश्शुल्क उपयोग कर ज्ञानार्जन किया जा सकता है।


महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सभी शिक्षकों को यह निर्देश देने के लिए कहा है कि वे अपने स्कूल या आसपास के 10 ऐसे विद्यार्थियों और अभिभावकों को, जो अभी तक दीक्षा एप से न जुड़े हों, यह एप डाउनलोड कराते हुए उन्हें इसके प्रयोग की विधियों के बारे में बताएं। शिक्षकों को इन 10 विद्यार्थियों और अभिभावकों तय प्रारूप में भरकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी इसकी जानकारी सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय को 15 दिसंबर तक ई-मेल के जरिये भेजेंगे।