ऐश्वर्या की खुदकुशी दे गया बड़ी सीख, अब आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लैपटॉप देने की उठा मुद्दा

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सेंट स्टीफंस कॉलेज की स्टॉफ एसोसिएशन ने छात्रों को पेश आ रही आर्थिक मुश्किलों का मसला उठाया है। स्टॉफ एसोसिएशन ने इस बाबत प्राचार्य को एक पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि कोरोना काल में छात्र परेशान हैं। कई छात्र फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं तो वहीं कई ऐसे भी छात्र हैं जिनके पास स्मार्टफोन, टैब नहीं है।

इन छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं में भागीदारी नहीं हो पा रही। एसोसिएशन ने पत्र में आर्थिक परेशानियों के चलते लेडी श्री राम कॉलेज की बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ऐश्वर्या की खुदकुशी का भी जिक्र किया है।

स्टॉफ एसोसिएशन की अध्यक्ष प्रो नंदिता नारायण ने कहा कि हम चाहते हैं कॉलेज एक कमेटी का गठन करे। जो छात्रों से बातचीत करें, उनकी परेशानियों को समझे और समाधान करे। यह मुश्किल घड़ी है, कॉलेज को छात्रों का साथ देना चाहिए। कॉलेज को अपनी वेबसाइट पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों केलिए एक नोटिस भी जारी करना चाहिए। ताकि छात्र फीस माफी के लिए आवेदन कर सकें।


नंदिता नारायण ने कहा कि कुछ साल पहले डीयू ने सभी कॉलेजों को लैपटॉप भेजा था। यदि उनमें से कुछ लैपटाप अभी भी सुचारु रुप से कार्य कर रहे हैं तो इन्हें तत्काल छात्रों को देना चाहिए। बहुत से छात्रों के पास लैपटॉप, टैब या स्मार्टफोन तक नहीं है।

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से कहा कि उन पाठ्यक्रमों का विवरण पेश करें जिनके ओपन बुक एग्जामिनेशन (ओबीई) के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, साथ ही यह भी बताएं कि अगस्त माह में हुए शेष पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम कब तक घोषित किए जाएंगे। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह की पीठ ने इस संबंध में डीयू को पांच दिन के अंदर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।


पीठ ने यह निर्देश विभिन्न वर्ग के अंतिम वर्ष के छात्रों की याचिका पर दिया। पीठ ने अगली तारीख पर डीयू के परीक्षा डीन प्रोफेसर डीएस रावत को सुनवाई में मौजूद रहने का निर्देश भी दिया। पीठ ने यह भी कहा कि निर्देश के बावजूद डीयू की तरफ से एक भी हलफनामा दायर नहीं किया गया। एकल पीठ ने डीयू को 31 अक्टूबर तक सभी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के परिणाम घोषित करने और अपनी वेबसाइट पर अंकतालिका अपलोड करने का निर्देश दिया था।