एक साल बाद शिक्षा विभाग पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, शिक्षकों को बंधी प्रोबेशन पीरियड क्लीयर होने की उम्मीद

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प्रोबेशन पीरियड क्लीयर होने के इंतजार में चार सालों से बैठे टीचर्स के लिए राहत की खबर है। शिक्षा विभाग उनके केस को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केस फायल करने के लिए एप्लीकेशन लग चुकी है लेकिन अभी सुप्रीम कोर्ट ने डेट फाइनल नहीं की है।

वर्ष 2015-2016 में शिक्षा विभाग की तरफ से 1150 जेबीटी और टीजीटी टीचर्स की भर्ती हुई थी। भर्ती होने के दो साल बाद भर्ती में पेपर लीक का मामला सामने आए जिसे लेकर विभाग ने मई 2019 में भर्ती को रद्द कर दिया था। भर्ती रद्द होने के बाद टीचर्स ने कैट की शरण ली जहां पर कैट ने विभाग के फैसले को रद्द कर दिया। पेपर लीक मामला उजागर होने के बाद 49 टीचर्स पर आरोप लगे और उन पर पुलिस केस बने। कैट ने पुलिस के शक के घेरे में आए टीचर्स की सेवाएं रद्द करते हुए शिक्षा विभाग को अन्य टीचर्स को रेगुलर ज्वाइन कराने के निर्देश जारी किए थे। कैट के फैसले के बाद विभाग ने टीचर्स को ज्वाइन करवा लिया लेकिन उनका प्रोवेशन पीरियड़ पर ब्रेक लगा दिया।

कैट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती, विभाग को मामनी पड़ी हार-

कैट के फैसले को चुनाैती देते हुए शिक्षा विभाग 26 नवंबर 2019 में मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा जहां पर भी विभाग को गलत साबित करते हुए हाईकाेर्ट ने एप्लीकेशन को रद्द कर दिया। उसके बाद टीचर्स ने विभाग पर दबाव बनाया कि उनका प्रोवेशन पीरियड़ क्लीयर किया जाए जिस पर विभाग का जबाव था कि मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाया जाएगा। एक साल से प्राेवेशन पीरियड़ क्लीयर कराने वाले टीचर्स इंतजार कर रहे थे कि कब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आैर हमारा पीरियड़ क्लीयर हो सके। शनिवार को टीचर्स को सुप्रीम कोर्ट की नोटिफिकेशन जारी हुए है कि भर्ती मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। जिसके बाद टीचर्स को उम्मीद जागी कि हम सही साबित होते हुए प्रोवेशन पीरियड़ क्लीयर करवा सकेंगे।