इंसानों की ही नहीं पक्षियों की भी सांसे थाम दे रहा प्रदूषण, फेफड़ों में भर जा रहा है जहरीला धुंआ नहीं ले पा रहे हैं

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नई दिल्ली ,दिल्ली में कहर बरपाते वायु प्रदूषण से केवल इंसान ही परेशान नहीं है। बल्कि इस कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर पक्षी भी बड़ी संख्या मेें दम तोड़ दे रहे हैं। स्वच्छद आकाश में विचरण करने वाले पक्षियों की भी यह प्रदूषित हवा सांसे थाम दे रहा है। इन दिनों कई पक्षियों की इसलिए तबियत बिगड़ जा रही है कि क्योंकि वे इस जहरीली हवा में सांस नहीं ले पा रहे हैं।

कई की हालत इतनी खराब हो जा रही है कि उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ रहा है। चांदनी चौक के पक्षी अस्पताल में रोजाना इन दिनों 60 से 70 मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनमें पक्षियों का दम फूल गया और वह सांस नहीं पा रहे थे। इस कारण वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच जा रहे हैं। अस्पताल से जुड़े लोगों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने वाले पक्षियों में 10 फीसद मरीजों की इस कारण मौत भी हो जा रही है।

खतरनाक स्थिति में वायु प्रदूषण

दिल्ली में वायु प्रदूषण इन दिनों खतरनाक स्थिति में है। लोगों को सांस संबंधि बीमारियों से गुजरना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के जीवन पर यह खतरनाक हवा भारी पड़ रही है। इस कारण दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले भी काफी बढ़ गए हैं। इसके बीच पक्षियों पर भी यह प्रदूषित हवा काफी खतरनाक साबित हो रही है। चांदनी चौक स्थित पक्षियों के धर्मार्थ अस्पताल के संचालन से जुड़े सुनील जैन ने बताया कि जब से दिल्ली के वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक स्थिति में पहुंची है तब से यहां सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित पक्षियों के आने की संख्या में कई गुना की वृद्धि हुई है।


पिछले 10 दिनों से रोजाना 60 से 70 मामले

हालत यह कि पिछले 10 दिनों से रोजाना 60 से 70 मामले वायु प्रदूषण संबंधी आ रहे हैं। जहरीली हवा लेने से पक्षियों के फेफड़ों में धुंआ भर जा रहा है। इस कारण वह सांस नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे पक्षियों का उपचार किया जाता है। उन्हें पानी और ओआरएस का घोल पिलाया जाता है। साथ ही अन्य उपचार किए जाते हैं। इससे काफी पक्षी ठीक होकर दोबारा उड़ान भरने लग जाते हैं, लेकिन भर्ती पक्षियों में से तकरीबन 10 फीसद की इस कारण मौत भी जा रही है, क्योंकि उनके फेफड़े में गंभीर संक्रमण हो जाता है साथ ही ह्दयघात भी हो जाता है। ऐसे पक्षियों को भी फिर बचाना मुश्किल हो जाता है।

इस बार दीपावली पर पक्षियों के जलने के कम मामले

इस बार दीपावली पर पटाखा जलाने पर प्रतिबंध का असर थाेड़ा बहुत दिखा है। दिल्ली में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कम पटाखे छूटे। इसका असर पटाखों से पक्षियों के जलने की घटनाओं में भी देखने को मिली। इस बार चांदनी चौक के पक्षी अस्पताल में करीब 40 पक्षी जलने के कारण उपचार के लिए पहुंचे। जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 200 से अधिक थी। इसमें आंखों में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ के भी कुछ मामले थे।