अर्थव्यवस्था ने की उम्मीद से अधिक मजबूत रिकवरी, त्योहारी सीजन के बाद मांग में स्थिरता पर नजर बनाए रखने की जरूरत: RBI गवर्नर

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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के शुरुआती प्रभाव से भारतीय अर्थव्यवस्था उम्मीद से अधिक तेजी से रिकवर हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के खत्म होने के बाद मांग में स्थिरता पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है। फॉरेन एक्सचेंज डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FEDAI) के वार्षिक दिवस समारोह में बोलते हुए, दास ने कहा कि भारत सहित दुनिया भर में ग्रोथ के लिए नकारात्मक जोखिम बना हुआ है।

यहां बता दें कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमारी में भारतीय अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसद का संकुचन देखने को मिला था। कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किये गए लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियां बाधित रहने के चलते यह संकुचन देखने को मिला था। आरबीआई का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में -9.5 फीसद की ग्रोथ रेट देखने को मिल सकती है।


हालांकि, लॉकडाउन प्रतिबंधों के खुलने और विशेष रूप से त्योहारी सीजन के दौरान अर्थव्यवस्था में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। दास ने कहा, ‘मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.9 फीसद का अर्थव्यवस्था में तेज संकुचन आने और दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के बहुत तेजी से सामान्य होने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से काफी ज्यादा मजबूत रिकवरी दिखी है।’

उन्होंने कहा, ‘ग्रोथ आउटलुक में सुधार के बावजूद यूरोप और भारत के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण में हाल की वृद्धि से ग्रोथ के लिए लगातार नकारात्मक जोखिम बना हुआ है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें त्योहारों के बाद मांग की स्थिरता और वैक्सीन के आसपास बाजार की उम्मीदों के संभावित पुनर्मूल्यांकन के बारे में सतर्क रहने की आवश्यकता है।’ दास ने कहा कि आरबीआई वित्तीय बाजारों के कामकाज को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और हम किसी भी नकारात्मक जोखिम को कम करने के लिए काम करेंगे।