अब 8वीं से लेकर 12वीं तक के सभी छात्र कर सकेंगे ऑनलाइन पढ़ाई, सरकार ने की फ्री टैबलेट देने की घोषणा 

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कोविड-19 महामारी और रोकथाम के लिए लॉकडाउन एवं अन्य प्रतिबंधों के चलते बाधित हुई शैक्षणिक गतिविधियों से ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प छात्र-छात्राओं के उपलब्ध है। केंद्रीय बोर्ड एवं राज्यों के बोर्ड द्वारा ऑनलाइन टीचिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है और वर्तमान में महामारी की स्थिति को देखते हुए स्टूडेंट्स के लिए सत्र 2020-21 मुख्य रूप से ऑनलाइन एजुकेशन आधारित रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि सभी स्टूडेंट्स के पास ऑनलाइन पढ़ाई से जरूरी संसाधन – इंटरनेट और स्मार्टफोन/टैबलेट/लैपटॉप या कंप्यूटर उपलब्ध हो। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के बच्चों के पास तो ये संसाधन होते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों के पास ऑनलाइन कक्षाओं के लिए न तो कोई डिजिटल डिवाइस मौजूद होता है और न ही इंटरनेट। ऐसे स्टूडेंट्स सिर्फ दूरदर्शन पर चलाई जा रही कक्षाओं पर ही आश्रित होते हैं।


हरियाणा सरकार देगी स्टूडेंट्स को फ्री टैबलेट

ऐसे में हरियाणा सरकार ने पहल करते हुए राज्य 8वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को फ्री टैबलेट देने की घोषणा की है ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चे भी ऑनलाइन एजुकेशन की व्यवस्था में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शनिवार, 28 नवंबर 2020 को दी गयी आधिकारिक सूचना के अनुसार आरक्षित वर्गों समेत सामान्य श्रेणी और अल्पसंख्य वर्गों के स्टूडेंट्स को डिजिटल एजुकेशन के लिए फ्री टैबलेट दिया जाएगा। सीएमओ के अनुसार, हरियाणा सरकार ने #Covid19 के मद्देनजर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा आठवीं से बाहरवीं के सभी वर्गों जैसे सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग के साथ अल्पसंख्यक वर्गों के छात्र एवं छात्राओं को डिजिटल एजुकेशन की सुविधा देने हेतु नि:शुल्क टैबलेट देने की योजना बनाई है।“

टैबलेट होंगे सिलेबस और अन्य स्टडी मैटेरियल से लैस

मुख्यमंत्री कार्यालय की सूचना के अनुसार 8वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराये जाने वाले नि:शुल्क टैबलेट में स्टूडेंट्स के सिलेबस, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और अन्य लर्निंग मैटेरियल पहले से इंस्टाल किया गया होगा। सीएमओ ने कहा, “इस योजना के अंतर्गत बाहरवीं पास करने पर विद्यार्थियों को यह टैबलेट स्कूल को वापिस लौटाना होगा। इसमें प्री-लोडेड कंटेंट के तौर पर डिजिटल पुस्तकों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के टेस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री भी रहेगी, जो सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रमों के अनुसार तथा कक्षावार होगी।”