अनुदान की अनुप्‍लब्‍धता वेतन नहीं देनेे की दलील नहीं हो सकता : दिल्‍ली हाई कोर्ट

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उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के स्कूलों के शिक्षकों का वेतन नहीं देने के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि अनुदान की अनुप्लब्धता शिक्षकों व कर्मचारियों का समय पर वेतन जारी नहीं करने की दलील नहीं हो सकती। पीठ ने इसके साथ ही एनडीएमसी को निर्देश दिया कि प्रथम श्रेणी और श्रेणी के अधिकारियों को विभिन्न मद में जारी होने वाले वेतन की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

हाई कोर्ट ने एनडीएमसी से विभिन्न मद में जारी होने वाले अनुदान की मांगी रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता सत्यकाम ने पीठ को बताया कि दाे मदों में दिल्ली सरकार नगर निगमों को अनुदान जारी करती है। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देश के अनुसार वे जारी होने वाले अनुदान के संबंध में रिपोर्ट पेश करेंगे। शिक्षकों का वेतन नहीं जारी करने के मामले को संज्ञान लेकर पीठ ने जनहित याचिका शुरू की थी।

इससे पहले पीठ ने शिक्षकों का वेतन नहीं देने के मामले में कहा था कि शिक्षकों को कोरोना महामारी की ड्यूटी पर तैनात किया गया है और वे कोरोना योद्धा के समान हैं। पीठ ने कहा था कि इसके बावजूद मार्च माह से उनका वेतन नहीं दिया जाना अफसोस जैसी स्थिति बयां करता है। एनडीएमसी ने पीठ को बताया था कि दिल्ली सरकार द्वारा निगमों का भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षकों के अलावा सफाई कर्मचारी एवं डॉक्टरों का विभिन्न श्रेणी में बकाया भुगतान नहीं किया जा सका है।

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